कुरान - 3:88 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

88
خَٰلِدِينَ فِيهَا لَا يُخَفَّفُ عَنۡهُمُ ٱلۡعَذَابُ وَلَا هُمۡ يُنظَرُونَ

Transliteration: (Khaalideena feehaa laa yukhaffafu 'anhumul 'azaabu wa laa hum yunzaroon)

वे हमेशा इसमें रहेंगे, न उनसे अज़ाब हल्का किया जाएगा और न उन्हें मुहलत दी जाएगी; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 88 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले इमरान - आयत 88

✅ दाइमी अज़ाब

ऐसे मुजरिमों के लिए जहन्नम की सज़ा में कभी कोई कमी नहीं होगी और न उन्हें कोई मोहलत मिलेगी।

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