कुरान - 82:15 सूरह अल-इन्फितार अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

15
يَصۡلَوۡنَهَا يَوۡمَ ٱلدِّينِ

Transliteration: (Yaslawnahaa Yawmad Deen )

15. उस दिन वे उसमें जलाए जाएंगे, जो बदला का दिन होगा [12]. (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इन्फितार आयत 15 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

12.बदकारों का जलना (The Burning of the Wicked) – आयत 82:15 की तफ़सीर (Commentary of the Verse 82:15)

"उसमें वे क़ियामत के दिन जलाए जाएंगे।"

क़ियामत के बाद जन्नत और जहन्नम में प्रवेश (Entry into Paradise and Hell After Judgment)

सज़ा क़ियामत के दिन के बाद शुरू होगी (Punishment Begins After the Day of Judgment) – यह आयत साफ तौर पर बताती है कि जहन्नम और जन्नत में शारीरिक प्रवेश, सज़ा या इनाम, केवल क़ियामत के दिन के बाद ही होगा।

शहीदों की आत्माएँ और उनके जिस्म (Martyrs and Their Souls) – शहीदों की आत्माएँ शहीदी के बाद तुरन्त जन्नत में चली जाती हैं, लेकिन उनके जिस्म नहीं। उनके शरीर केवल क़ियामत के बाद ही जन्नत में दाखिल होंगे।

हज़रत आदम का जन्नत में ठहरना (Hazrat Adam’s Stay in Paradise) – हज़रत आदम (अलैहिस्सलाम) का जन्नत में ठहरना इनाम के लिए नहीं था, बल्कि यह अल्लाह के पाक इरादे के तहत एक प्रशिक्षण था। उनका वहां रहना नेक लोगों को मिलने वाले सदा के इनाम से अलग था।

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