कुरान - 82:9 सूरह अल-इन्फितार अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

9
كَلَّا بَلۡ تُكَذِّبُونَ بِٱلدِّينِ

Transliteration: (Kalla bal tukazziboona bid deen )

9. नहीं! बल्कि तुम पलटकर इनाम-ओ-सजा को झुठलाते हो। [6] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इन्फितार आयत 9 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

क़ियामत का इंकार (Denial of Judgment) – आयत 82:9 की तफ़सीर (Commentary of the Verse 82:9)

"नहीं, बल्कि तुम न्याय के दिन को झूठा ठहराते हो।"

आख़िरत में यकीन न होने की वजह से इंकार (Rejection Due to Disbelief in the Hereafter)

यह आयत काफ़िरों को संबोधित करती है, और बताती है कि उनका पैगंबर को न मानना, क़ियामत और हिसाब-किताब पर यकीन न करने की वजह से है। अगर उन्होंने आख़िरत और अपनी जवाबदेही पर सच्चा यकीन किया होता, तो वे पैगंबर और उसके संदेश को स्वीकार कर लेते।

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