Transliteration: (Kalla bal tukazziboona bid deen )
"नहीं, बल्कि तुम न्याय के दिन को झूठा ठहराते हो।"
यह आयत काफ़िरों को संबोधित करती है, और बताती है कि उनका पैगंबर को न मानना, क़ियामत और हिसाब-किताब पर यकीन न करने की वजह से है। अगर उन्होंने आख़िरत और अपनी जवाबदेही पर सच्चा यकीन किया होता, तो वे पैगंबर और उसके संदेश को स्वीकार कर लेते।
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