कुरान - 18:73 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

73
قَالَ لَا تُؤَاخِذۡنِي بِمَا نَسِيتُ وَلَا تُرۡهِقۡنِي مِنۡ أَمۡرِي عُسۡرٗا

Transliteration: (Qaala laa tu'aakhiznee bimaa naseetu wa laa turhiqnee min amree 'usraa)

मूसा ने कहा, 'जो बात मैं भूल गया था उस पर मेरी पकड़ न कीजिए, और मेरे इस मुआमले में मुझ पर सख़्ती न बरतिए।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 73 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 73

✅ भूल पर मुआफ़ी और नरमी की दरख़्वास्त

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उज़्र पेश किया कि मैं वादे को भूल गया था, इसलिए भूल-चूक पर मुआफ़ फ़रमाइए और मेरे साथ नरमी का बर्ताव कीजिए।

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