कुरान - 18:71 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

71
فَٱنطَلَقَا حَتَّىٰٓ إِذَا رَكِبَا فِي ٱلسَّفِينَةِ خَرَقَهَاۖ قَالَ أَخَرَقۡتَهَا لِتُغۡرِقَ أَهۡلَهَا لَقَدۡ جِئۡتَ شَيۡـًٔا إِمۡرٗا

Transliteration: (Fantalaqaa hattaaa izaa rakibaa fis safeenati kharaqahaa qaala akharaqtahaa litughriqa ahlahaa laqad ji'ta shai'an imraa)

चुनांचे दोनों चले; यहाँ तक कि जब दोनों कश्ती में सवार हुए, तो उन्होंने (ख़िज़्र ने) कश्ती में सुराख़ कर दिया (एक तख़्ता उधेड़ दिया)। मूसा ने कहा, 'क्या आपने इसमें सुराख़ इसलिए किया ताकि इसके सवारों को डुबो दें? यक़ीनन आपने एक बहुत ख़तरनाक (अनोखा) काम किया!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 71 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 71

✅ पहला वाक़िआ: कश्ती में सुराख़ करना

दोनों हज़रात एक कश्ती में सवार हुए जिसके मल्लाहों ने हज़रत ख़िज़्र की इज़्ज़त करते हुए बिना किराया लिए बैठा लिया था। लेकिन कश्ती में बैठते ही हज़रत ख़िज़्र ने कुल्हाड़ी से एक तख़्ता तोड़कर कश्ती ऐबदार कर दी। हज़रत मूसा से रहा न गया और उन्होंने अहसान के बदले नुक़्सान पहुंचाने और लोगों के डूबने के ख़तरे पर सख़्त एतराज़ किया।

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