कुरान - 18:70 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

70
قَالَ فَإِنِ ٱتَّبَعۡتَنِي فَلَا تَسۡـَٔلۡنِي عَن شَيۡءٍ حَتَّىٰٓ أُحۡدِثَ لَكَ مِنۡهُ ذِكۡرٗا

Transliteration: (Qaala fa init taba'tanee falaa tas'alnee 'an shai'in hattaaa uhdisa laka minhu zikraa (section 9))

उन्होंने कहा, 'फिर अगर आप मेरे साथ चलें, तो मुझसे किसी चीज़ के बारे में सवाल न कीजिएगा जब तक कि मैं खुद आपके सामने उसका ज़िक्र न करूँ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 70 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 70

✅ हमराही की शर्त: पहले से सवाल न पूछना

हज़रत ख़िज़्र ने शर्त रख दी कि मेरे साथ सफ़र के दौरान आप कोई भी सवाल नहीं करेंगे, चाहे आपको कोई बात कितनी ही अजीब लगे। जब तक मैं खुद उसकी हिकमत बयान न कर दूँ, आपको ख़ामोश रहना होगा।

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