Transliteration: (Fee jeedihaa hablum mim-masad)
8. उम्मुल जमील की मौत
कहा जाता है कि उम्मुल जमील की मौत इस प्रकार हुई थी: जिन कांटों का ढेर वह लेकर चलती थी, उसका रस्सी का हिस्सा उसके गले में गिरा और उसने उसे गला दबाकर मार डाला। यही हुआ। एक बहुत गर्म दिन में, जब वह कांटों का ढेर लेकर चल रही थी, तो वह एक पत्थर पर बैठी आराम करने के लिए। अल्लाह की आज्ञा से एक फरिश्ते ने उस ढेर को गिरा दिया, जिससे वह उसका गला दबाने लगा और वह एक शर्मनाक तरीके से मौत के घाट उतरी।
यह घटना यह याद दिलाती है कि रसूल अल्लाह (صَلَّى اللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ) के दुश्मन न तो इस दुनिया में शांति पा सकते हैं, न क़ब्र में, और न ही आख़िरत में।
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