कुरान - 56:23 सूरह अल-वाक़िया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

23
كَأَمۡثَٰلِ ٱللُّؤۡلُوِٕ ٱلۡمَكۡنُونِ

Transliteration: (Ka amsaalil lu'lu'il maknoon)

जैसे छुपाकर रखे हुए मोती [23]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-वाक़िया आयत 23 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-वाक़िआ तफ़सीर - आयत 23

"जैसे छुपाकर रखे हुए मोती [23]!"


[23] सीप में छुपाए हुए बे-दाग़ मोती

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि जैसे सीप के अंदर महफ़ूज़ मोती को न कभी किसी का हाथ लगा हो और न हवा व गर्द ने छुआ हो—वह बिल्कुल चमकदार, साफ़ और बे-ऐब होता है—वैसे ही जन्नत की हूरें अपने हुस्न और पाकीज़गी में बे-दाग़ और कामिल होंगी।

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