Transliteration: (Laa yasma'oona feehaa laghwanw wa laa taaseemaa)
"वे उसमें न कोई बेहूदा बात सुनेंगे और न गुनाह का कलाम [25]!"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि जन्नत में किसी क़िस्म की ग़ीबत, झूठ, गाली-गलौज या बेहूदा बात न होगी। वहाँ हर तरफ़ रूहानी सुकून और पाकीज़गी का दौर-दौरा होगा।
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