कुरान - 56:37 सूरह अल-वाक़िया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

37
عُرُبًا أَتۡرَابٗا

Transliteration: ('Uruban atraabaa)

प्यार करने वाली, दिलकश और हम-उम्र [35]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-वाक़िया आयत 37 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-वाक़िआ तफ़सीर - आयत 37

"प्यार करने वाली, दिलकश और हम-उम्र [35]!"


[35] मुहब्बत करने वाली हम-उम्र बीवियाँ (33 साल की नौजवानी)

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'उरुब' से मुराद अपने शौहर से बेपनाह लाड़-प्यार करने वाली और 'अतराब' से मुराद हम-उम्र होना है। तफ़सीर रूहुल मआनी में है कि जन्नत में सब अहले जन्नत की उम्र 33 साल होगी और उनका क़द हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की तरह साठ हाथ (तक़रीबन 90 फ़ीट) होगा।

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