कुरान - 56:38 सूरह अल-वाक़िया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

38
لِّأَصۡحَٰبِ ٱلۡيَمِينِ

Transliteration: (Li as haabil yameen)

दाहिनी तरफ़ वालों के लिए [36]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-वाक़िया आयत 38 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-वाक़िआ तफ़सीर - आयत 38

"दाहिनी तरफ़ वालों के लिए [36]!"


[36] असहाबुल यमीन की कामरानी

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि ये तमाम हसीन नेमतें, बागीचे, हूरें और मसनदें उन मोमिनीन के लिए हैं जिनका नाम-ए-आमाल उनके दाहिने हाथ में दिया जाएगा और जो अर्श के दाहिनी जानिब होंगे।

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