कुरान - 56:40 सूरह अल-वाक़िया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

40
وَثُلَّةٞ مِّنَ ٱلۡأٓخِرِينَ

Transliteration: (Wa sullatum minal aakhireen)

और एक गिरोह पिछलों में से [37]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-वाक़िया आयत 40 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-वाक़िआ तफ़सीर - आयत 40

"और एक गिरोह पिछलों में से [37]!"


[37] बाद के मोमिनीन और तमाम सहाबा-ए-किराम का जन्नती होना

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि असहाबुल यमीन में बाद की नस्लों के मोमिनीन की भी एक बहुत बड़ी जमाअत होगी। और याद रहे कि सहाबा-ए-किराम सब के सब जन्नती हैं ("व कुल्लन वअदल्लाहुल हुस्ना"), उनमें से कोई भी बाएं हाथ वालों में नहीं हो सकता।

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