कुरान - 56:42 सूरह अल-वाक़िया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

42
فِي سَمُومٖ وَحَمِيمٖ

Transliteration: (Fee samoominw wa hameem)

लू (तपती हवा) और खौलते हुए पानी में! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-वाक़िया आयत 42 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-वाक़िआ तफ़सीर - आयत 42

"लू (तपती हवा) और खौलते हुए पानी में!"


ज़हर जैसी तपती आग और खौलते पानी का अज़ाब

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'समूम' ऐसी तपती हुई ज़हरीली आग की लू है जो जिस्म के मसामों में दाख़िल होकर अंतड़ियों को झुलसा देती है, और 'हमीम' इंतिहाई खौलता हुआ पीप मिला पानी है।

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