Transliteration: (Wa as haabush shimaali maaa as haabush shimaal)
"और बाईं तरफ़ वाले [38], बाईं तरफ़ वालों का क्या पूछना (कितनी बदहाली है) [39]!"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि ये वे काफ़िर व मुशरिक हैं जिनका आमाल-नामा उनके बाएँ हाथ में दिया जाएगा और जो अर्श के बाईं जानिब खड़े किए जाएँगे।
यह सवाल उनके अज़ाब की शिद्दत और बदहाली पर हैरत और इबरत दिलाने के लिए है कि उनकी तबाही का क्या पूछना!
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