कुरान - 53:48 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

48
وَأَنَّهُۥ هُوَ أَغۡنَىٰ وَأَقۡنَىٰ

Transliteration: (Wa annahoo huwa aghnaa wa aqnaa)

और यह कि वही ग़नी करता है और क़नाअत (संतुष्टि) अता फ़रमाता है [59]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 48 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 48

"और यह कि वही ग़नी करता है और क़नाअत (संतुष्टि) अता फ़रमाता है [59]!"


[59] रिज़्क़, दौलत और क़नाअत की अता

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'अक़्ना' से मुराद क़नाअत या सरमाया है:

  • दिल की बे-नियाज़ी: अल्लाह जिसे चाहे ज़ाहिरी माल व दौलत से नवाज़े और जिसे चाहे दिल की दौलत (क़नाअत) अता फ़रमाए, जो सबसे बड़ी ग़ना और दौलतमंद है।

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