कुरान - 53:62 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

62
فَٱسۡجُدُواْۤ لِلَّهِۤ وَٱعۡبُدُواْ۩

Transliteration: (Fasjudoo lillaahi wa'budoo (make sajda))

तो अल्लाह के लिए सजदा करो [72] और उसी की इबादत करो! (सजदा-ए-तिलावत) (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 62 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 62

"तो अल्लाह के लिए सजदा करो [72] और उसी की इबादत करो! (सजदा-ए-तिलावत)"


[72] सजदा-ए-तिलावत का हुक्म और इबादत की अज़मत

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि इस आयत-ए-करीमा पर सजदा-ए-तिलावत वाजिब है:

  • सजदा-ए-तिलावत: इस आयत को पढ़ने और सुनने वाले पर वाजिब है कि अल्लाह के हुज़ूर सजदा-ए-तिलावत अदा करे। यह नमाज़ के सजदे से अलग एक ख़ास इबादत है।
  • इबादत: 'वाअ्बुदू' से मुराद पाँचों वक़्त की नमाज़ और तमाम बदनी व माली इबादतों को पाबंदी से अदा करना है।

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