कुरान - 53:59 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

59
أَفَمِنۡ هَٰذَا ٱلۡحَدِيثِ تَعۡجَبُونَ

Transliteration: (Afamin hazal hadeesi ta'jaboon)

तो क्या तुम इस कलाम (क़ुरआन) पर तअज्जुब करते हो [70]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 59 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 59

"तो क्या तुम इस कलाम (क़ुरआन) पर तअज्जुब करते हो [70]?"


[70] मुनकिरीन का तअज्जुब और कुफ़्र

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि काफ़िर क़ुरआन की सच्चाई और एक इंसान के नबी बनने पर तअज्जुब करते थे। यह तअज्जुब कोई सादा हैरानी नहीं बल्कि इंकार और कुफ़्र का इज़हार था।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now