कुरान - 53:57 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

57
أَزِفَتِ ٱلۡأٓزِفَةُ

Transliteration: (Azifatil aazifah)

पास आ गई वह पास आने वाली (क़यामत की घड़ी) [68]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 57 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 57

"पास आ गई वह पास आने वाली (क़यामत की घड़ी) [68]!"


[68] क़यामत की क़रीब आमद

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि हुज़ूर ख़ातमुन-नबिय्यीन ﷺ की तशरीफ़-आवरी और क़ुरआन के नुज़ूल के बाद अब क़यामत बिल्कुल सर पर आ चुकी है, अब सिर्फ़ हश्र के ऐलान का इंतिज़ार है।

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