कुरान - 4:108 सूरह अन-निसा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

108
يَسۡتَخۡفُونَ مِنَ ٱلنَّاسِ وَلَا يَسۡتَخۡفُونَ مِنَ ٱللَّهِ وَهُوَ مَعَهُمۡ إِذۡ يُبَيِّتُونَ مَا لَا يَرۡضَىٰ مِنَ ٱلۡقَوۡلِۚ وَكَانَ ٱللَّهُ بِمَا يَعۡمَلُونَ مُحِيطًا

Transliteration: (Yastakhfoona minannaasi wa laa yastakh foona minal laahi wa huwa ma'ahum iz yubaiyitoona maa laa yardaa minal qawl; wa kaanal laahu bimaa ya'maloona muheetaa)

वे लोगों से तो छुपते हैं लेकिन अल्लाह से नहीं छुप सकते, हालांकि वह उनके साथ होता है जब वे रात को ऐसी बातों की तदबीरें करते हैं जिन्हें वह पसंद नहीं करता; और जो कुछ वे करते हैं अल्लाह ने उसका अहाता कर रखा है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-निसा आयत 108 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अन-निसा - आयत 108

✅ इल्मे इलाही से कोई चीज़ पोशीदा नहीं

मुनाफ़िक़ीन और चोर दुनिया के लोगों से तो अपनी बदआमालियां छुपा लेते हैं मगर उस अल्लाह से कैसे छुपा सकते हैं जो अंधेरी रातों में उनकी ख़ुफ़िया साज़िशों को भी साफ़ देख और सुन रहा है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now