कुरान - 4:114 सूरह अन-निसा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

114
۞لَّا خَيۡرَ فِي كَثِيرٖ مِّن نَّجۡوَىٰهُمۡ إِلَّا مَنۡ أَمَرَ بِصَدَقَةٍ أَوۡ مَعۡرُوفٍ أَوۡ إِصۡلَٰحِۭ بَيۡنَ ٱلنَّاسِۚ وَمَن يَفۡعَلۡ ذَٰلِكَ ٱبۡتِغَآءَ مَرۡضَاتِ ٱللَّهِ فَسَوۡفَ نُؤۡتِيهِ أَجۡرًا عَظِيمٗا

Transliteration: (Laa khaira fee kaseerim min najwaahum illaa man amara bisadaqatin aw ma'roofin aw islaahim bainan naas; wa mai yaf'al zaalikab tighaaa'a mardaatil laahi fa sawfa nu'teehi ajran 'azeemaa)

इनमें से ज़्यादातर की छुप-छुप कर की गई बातें कोई भलाई नहीं रखतीं, सिवाय उस के जो सदक़ा देने, भलाई करने या लोगों में सुलह कराने का हुक्म दे [352]। और जो कोई यह काम अल्लाह की रज़ा के लिए करता है [353], तो हम जल्द ही उसे बड़ा इनाम अता करेंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-निसा आयत 114 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अन-निसा – आयत 114 की तफ़्सीर

 

✅ [352] फ़ायदे की नीयत से की गई मश्वरा ही क़ाबिले तारीफ़ होता है

यह आयत हर तरह की छुपी बातचीत—चाहे वो हुकूमती बैठकों में हो, पार्लियामेंट में, क़बाइली मजलिसों में या घर-परिवार में—सब को शामिल करती है। अगर ये बैठकें सदक़ा, भलाई, या सुलह जैसे नेक मक़सद के लिए हों, तो ये मुबारक और पसंदीदा हैं। वरना ऐसी गुप्त सलाहें आमतौर पर नुक़सानदेह होती हैं और फ़साद का सबब बनती हैं।

✅ [353] अल्लाह की रज़ा के लिए सुलह कराना इबादत है

इससे मालूम होता है कि अगर कोई मियां-बीवी, बाप-बेटे, रिश्तेदारों, दोस्तों, या यहां तक कि शहरों और कौमों के बीच सुलह की कोशिश करता है, और ये सब कुछ अल्लाह की ख़ुशी के लिए करता है, तो यह एक बड़ी इबादत है। अगर "लोग" से मुराद मुसलमान हैं, तो मतलब है कि उनके आपसी झगड़े सुलझाना। और अगर "लोग" से मुराद तमाम इंसानियत है, तो इसका मतलब होगा कि ग़ैर-मुस्लिमों को इस्लाम की तरफ़ बुलाना, और उनके साथ अमन की कोशिशें करना। अगर किसी जंग के आसार हों और अमन मुसलमानों के हक़ में हो, तो सुलह की पहल की जानी चाहिए। जैसा कि क़ुरआन में है: “अगर वे अमन की तरफ़ झुकें, तो तुम भी झुको और अल्लाह पर भरोसा करो।” (सूरा अल-अन्फाल, 8:61)

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now