Transliteration: (Wa akhzihimur ribaa wa qad nuhoo 'anhu wa aklihim amwaalan naasi bilbaatil; wa a'tadnaa lilkaafireena minhum 'azaaban aleema)
इस आयत में यहूदियों के दो बड़े गुनाहों की निशानदेही की गई है:
ऐसे सारे गुनाह 'ज़ुल्म' की श्रेणी में आते हैं, और अल्लाह के यहाँ इनकी सज़ा बहुत सख़्त है।
इस आयत में उन लोगों की बात हो रही है जो कुफ्र और नाफ़रमानी पर अड़े रहे।
ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने दुखदायी सज़ा तैयार कर रखी है।
लेकिन साथ ही यह भी समझना चाहिए कि
जो लोग तौबा कर लेते हैं और सच्चे दिल से ईमान लाते हैं,
उनके लिए अल्लाह की रहमत के दरवाज़े खुले रहते हैं — क्योंकि अल्लाह गुनाहों को माफ़ करने वाला है।
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