कुरान - 4:70 सूरह अन-निसा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

70
ذَٰلِكَ ٱلۡفَضۡلُ مِنَ ٱللَّهِۚ وَكَفَىٰ بِٱللَّهِ عَلِيمٗا

Transliteration: (Zaalikal fadlu minal laah; wa kafaa billaahi 'Aleemaa)

यह अल्लाह की ओर से अनुग्रह है, और अल्लाह पर्याप्त है, सब कुछ जानने वाला है [230] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-निसा आयत 70 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अन-निसा – आयत 70 की तफ़्सीर

 

✅ [230] पैग़म्बर ﷺ की निकटता – एक महान अनुग्रह

इस आयत से दो महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट होती हैं: जन्नत में हुज़ूर ﷺ की निकटता हासिल करना आख़िरत की सबसे बड़ी नेमतों में से एक है। नबियों, सच्चों, शहीदों और नेक लोगों की संगत पाना कल्पना से परे एक सम्मान है। लेकिन जो भी व्यक्ति हुज़ूर ﷺ से मोहब्बत का दावा करता है, वह ज़रूरी नहीं कि सच्चा मुहिब्ब या योग्य साथी हो। दिलों की हकीकत और उनमें मौजूद ख़ुलूस को सिर्फ़ अल्लाह ही जानता है। वही सब कुछ जानने वाला और फ़ैसला करने के लिए पर्याप्त है।

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