कुरान - 4:87 सूरह अन-निसा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

87
ٱللَّهُ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَۚ لَيَجۡمَعَنَّكُمۡ إِلَىٰ يَوۡمِ ٱلۡقِيَٰمَةِ لَا رَيۡبَ فِيهِۗ وَمَنۡ أَصۡدَقُ مِنَ ٱللَّهِ حَدِيثٗا

Transliteration: (Allaahu laaa ilaaha illaa huwa la yajma'annakum ilaa Yawmil Qiyaamati laa raiba feeh; wa man asdaqu min allaahi hadeesaa)

अल्लाह, जिसके सिवा कोई इबादत के लायक नहीं, वह तुम्हें क़यामत के दिन ज़रूर जमा करेगा, जिसमें कोई शक नहीं। और अल्लाह से बढ़कर बात का सच्चा कौन है [274]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-निसा आयत 87 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अन-निसा – आयत 87 की तफ़्सीर

 

✅ [274] अल्लाह की पूर्ण सत्यता

इससे मालूम होता है कि अल्लाह के बारे में झूठ का सोचना भी असंभव है, क्योंकि यह उसकी क़ामिल और अजली सिफ़त के ख़िलाफ़ है। पैग़म्बरों ﷺ के लिए भी झूठ असंभव है, लेकिन यह उनकी ज़ाती सिफ़त से नहीं बल्कि अल्लाह की तरफ़ से हिफ़ाज़त (मासूमियत) के कारण है। चूंकि अल्लाह की सत्यता हर मख़लूक़ से बढ़कर है, इसलिए उसका सच उसकी ज़ाती सिफ़त के साथ हमेशा के लिए बंधा हुआ है। इसीलिए अल्लाह का क़यामत के दिन का वादा बिल्कुल पक्का और यक़ीनी है।

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