कुरान - 55:40 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

40
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

Transliteration: (Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.)

तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे [35]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 40 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 40

"तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे [35]?"


[35] अज़ाब के ज़िक्र के बाद नेमत का बयान—इलाही रहमत की हिकमत

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि अज़ाब की हौलनाकियों के बयान के फ़ौरन बाद इस आयत का दोहराया जाना यह ज़ाहिर करता है कि बंदों को अज़ाब से पहले ही बाख़बर कर देना भी अल्लाह की रहमत और नेमत है। यह चेतावनी इंसान को तौबा और हिदायत की तरफ़ बुलाती है ताकि वह जहन्नम की आग से बच सके।

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