Transliteration: (Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.)
"तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे [35]?"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि अज़ाब की हौलनाकियों के बयान के फ़ौरन बाद इस आयत का दोहराया जाना यह ज़ाहिर करता है कि बंदों को अज़ाब से पहले ही बाख़बर कर देना भी अल्लाह की रहमत और नेमत है। यह चेतावनी इंसान को तौबा और हिदायत की तरफ़ बुलाती है ताकि वह जहन्नम की आग से बच सके।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat