कुरान - 55:41 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

41
يُعۡرَفُ ٱلۡمُجۡرِمُونَ بِسِيمَٰهُمۡ فَيُؤۡخَذُ بِٱلنَّوَٰصِي وَٱلۡأَقۡدَامِ

Transliteration: (Yu'raful mujrimoona biseemaahum fa'yu'khazu binna waasi wal aqdaam)

मुजरिम अपने चेहरों की अलामतों से पहचाने जाएँगे [36], और पेशानी के बालों और पैरों से पकड़कर जहन्नम में झोंक दिए जाएँगे [37]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 41 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 41

"मुजरिम अपने चेहरों की अलामतों से पहचाने जाएँगे [36], और पेशानी के बालों और पैरों से पकड़कर जहन्नम में झोंक दिए जाएँगे [37]!"


[36] काफ़िरों और मोमिनों के चेहरों का फ़र्क़

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि क़यामत के दिन काफ़िरों के चेहरे सियाह और माथे ज़र्द होंगे, जबकि नेक मोमिनों के चेहरे वुज़ू की वजह से रौशन और पेशानी चमक रही होगी। जैसे दुनिया में जिस्मानी बीमारी का असर चेहरे पर आ जाता है, वैसे ही हश्र में गुनाहगार चेहरे से ही पहचाने जाएँगे।

[37] पेशानी और पाँवों को बाँधकर गेंद की तरह जहन्नम में लुढ़काना

काफ़िरों के पैरों को पीछे से मोड़कर उनकी पेशानी के साथ बाँध दिया जाएगा और उन्हें गेंद की तरह लुढ़का कर जहन्नम की दहकती आग में फेंक दिया जाएगा। यह सज़ा सिर्फ़ काफ़िरों के लिए मख़्सूस है, गुनाहगार मोमिन इससे महफ़ूज़ रहेंगे।

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