कुरान - 55:43 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

43
هَٰذِهِۦ جَهَنَّمُ ٱلَّتِي يُكَذِّبُ بِهَا ٱلۡمُجۡرِمُونَ

Transliteration: (Haazihee jahannamul latee yukazzibu bihal mujrimoon)

यह वही जहन्नम है जिसे मुजरिम झुठलाते थे [39]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 43 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 43

"यह वही जहन्नम है जिसे मुजरिम झुठलाते थे [39]!"


[39] जहन्नम की हक़ीक़त और मुनकिरीन का इंकार

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि दुनिया में काफ़िर जहन्नम की आग का मज़ाक़ उड़ाते थे और उसका इंकार करते थे। हश्र के दिन उनसे कहा जाएगा कि यह वही जहन्नम है जिसका तुम इंकार करते थे, अब अपनी आँखों से इसका मुशाहिदा करो।

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