कुरान - 55:45 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

45
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

Transliteration: (Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.)

तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे [41]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 45 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 45

"तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे [41]?"


[41] हुज़ूर ﷺ के वसीले से ग़ैबी अज़ाबों से आगाह करना अज़ीम नेमत

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि अल्लाह तआला ने अपने हबीब मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ के वसीले से तुम्हें इन ग़ैबी अज़ाबों से बाख़बर फ़रमाया ताकि तुम जहन्नम से बचकर जन्नत के हक़दार बन सको। यह अपने आप में अज़ीम रहमत व नेमत है।

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