Transliteration: (Zawaataaa afnaan)
"घनी शाखों वाले [44] (तरह-तरह के फलों से लदे हुए)!"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि जन्नत के बागीचों के दरख़्तों की शाख़ें बेहद घनी, हरी-भरी और तरह-तरह के फलों और ख़ुशबुओं से लदी होंगी। एक ही जड़ से अनगिनत शाख़ें निकलेंगी और हर शाख़ पर जुदा-जुदा रंग व ज़ायक़े के मेवे लगे होंगे।
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