कुरान - 55:62 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

62
وَمِن دُونِهِمَا جَنَّتَانِ

Transliteration: (Wa min doonihimaa jannataan)

और उन दोनों (जन्नतों) के अलावा दो जन्नतें और हैं [55]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 62 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 62

"और उन दोनों (जन्नतों) के अलावा दो जन्नतें और हैं [55]।"


[55] दो और जन्नतों का बयान—कुल चार जन्नतें

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि पहले ज़िक्र हुई दो जन्नतों के अलावा दो मज़ीद जन्नतें हैं, गोया कुल चार जन्नतें हुईं:

  • रूहुल मआनी की रिवायत: बाज़ मुफ़स्सिरीन के नज़दीक ये दो जन्नतें दर्जे में पहली दो जन्नतों से नीचे हैं क्योंकि 'दूना' का लफ़्ज़ दर्जे की कमी की तरफ़ इशारा करता है।
  • दूसरा क़ौल: बाज़ उलमा फ़रमाते हैं कि ये दो जन्नतें अर्श-ए-इलाही से ज़्यादा क़रीब और अफ़ज़ल हैं, क्योंकि 'दूना' क़ुर्ब (नज़दीकी) के मअनी में भी आता है। ये जन्नतें याक़ूत व ज़बरजद की बनी हैं और अल्लाह के मुक़र्रब तरीन औलिया के लिए मख़्सूस हैं।

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