मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 68 तफ़सीर
मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)
सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 68
"उन दोनों में मेवे, खजूरें और अनार हैं [58]!"
[58] खजूर और अनार की ख़ास फ़ज़ीलत व फ़िक़्ही मसअला
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं:
फ़ज़ीलत: अगरचे खजूर और अनार भी फलों (फ़ाकिहा) में दाख़िल हैं, मगर उनकी ख़ास बुज़ुर्गी और फ़ज़ीलत की बिना पर उन्हें अलग से ज़िक्र फ़रमाया गया। खजूर ग़िज़ा भी है और फल भी, और अनार दवा भी है और फल भी।
फ़िक़्ही मसअला: इमाम-ए-आज़म अबू हनीफ़ा रदियल्लाहु अन्हु इसी आयत से इस्तिदलाल फ़रमाते हैं कि अगर किसी ने क़सम खाई कि 'मैं फल नहीं खाऊँगा', और फिर उसने खजूर या अनार खा लिया, तो उसकी क़सम नहीं टूटेगी, क्योंकि क़ुरआन ने इन्हें आम फलों से मुम्ताज़ फ़रमाया है।
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