कुरान - 55:72 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

72
حُورٞ مَّقۡصُورَٰتٞ فِي ٱلۡخِيَامِ

Transliteration: (Hoorum maqsooraatun fil khiyaam)

वे हूरें हैं जो ख़ैमों में परदानशीन हैं [60]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 72 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 72

"वे हूरें हैं जो ख़ैमों में परदानशीन हैं [60]!"


[60] मोतियों के ख़ैमों में परदानशीन हूरें और हया की अज़्मत

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि जन्नत के ख़ैमे मोतियों के बने हुए अज़ीम महल हैं जिनमें हूरें बाहया और परदानशीन रहेंगी, बे-परदा इधर-उधर नहीं फिरेंगी। इससे तीन बातें वाज़ेह होती हैं:

  1. इज़्ज़त की अलामत: परदा और शर्म-ओ-हया जन्नत की नेमत और बुज़ुर्गी का इज़हार है।
  2. बे-परदगी अज़ाब है: बे-परदा और नंगा रहना जहन्नम का अज़ाब है जहाँ काफ़िर ज़िल्लत के साथ नंगे होंगे।
  3. शरई परदा वाजिब: दुनिया में भी नेक और शरीफ़ औरतों के लिए शरई परदा इख़्तियार करना जन्नती सिफ़त है।

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