कुरान - 37:105 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

105
قَدۡ صَدَّقۡتَ ٱلرُّءۡيَآۚ إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ

Transliteration: (Qad saddaqtar ru'yaa; innaa kazaalika najzil muhsineen)

यक़ीनन तुमने अपने ख़्वाब को सच कर दिखाया! बेशक हम नेकोकारों को ऐसा ही बदला दिया करते हैं [110]!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 105 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 105

"यक़ीनन तुमने अपने ख़्वाब को सच कर दिखाया [110]!"

[110] इम्तिहान की कामयाबी

मक़सद इस्माईल का ख़ून बहाना नहीं था, बल्कि इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के दिल की वफ़ादारी और तसलीम-ओ-रज़ा को आज़माना था। जब बाप-बेटा दोनों इस इम्तिहान में कामरान ठहरे, तो अल्लाह ने उन्हें अज़ीम इज़्ज़त अता फ़रमाई।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now