कुरान - 37:106 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

106
إِنَّ هَٰذَا لَهُوَ ٱلۡبَلَـٰٓؤُاْ ٱلۡمُبِينُ

Transliteration: (Inna haazaa lahuwal balaaa'ul mubeen)

बेशक यह एक खुली हुई आज़माइश थी [112]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 106 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 106

"बेशक यह एक खुली हुई आज़माइश थी [112]!"

[112] सब से सख़्त तरीन इम्तिहान

बुढ़ापे के इकलौते और प्यारे बेटे को अपने ही हाथों से ज़बह करने के लिए तैयार हो जाना ऐसा अज़ीम इम्तिहान था जिसकी मिसाल तारीख़े आलम में नहीं मिलती।

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