कुरान - 37:110 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

110
كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ

Transliteration: (Kazaalika najzil muhsineen)

हम नेकोकारों को ऐसा ही बदला देते हैं [115]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 110 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 110

"हम नेकोकारों को ऐसा ही बदला देते हैं [115]!"

[115] नेकी और इख़्लास का इनाम

जो बंदे अल्लाह की मोहब्बत में अपनी सबसे प्यारी चीज़ भी न्योछावर करने को तैयार हो जाते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों जहानों में बे-मिसाल इज़्ज़त अता फ़रमाता है।

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