कुरान - 37:112 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

112
وَبَشَّرۡنَٰهُ بِإِسۡحَٰقَ نَبِيّٗا مِّنَ ٱلصَّـٰلِحِينَ

Transliteration: (Wa bashsharnaahu bi Ishaaqa Nabiyam minas saaliheen)

और हमने उन्हें इस्हाक़ (की पैदाइश) की बशारत दी जो नबी और सालेहीन में से होंगे [116]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 112 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 112

"और हमने उन्हें इस्हाक़ की बशारत दी जो नबी और सालेहीन में से होंगे [116]!"

[116] हज़रत इस्हाक़ (अलैहिस्सलाम) की बशारत

क़ुरबानी के इस अज़ीम इम्तिहान के बाद अल्लाह ने हज़रत सारा के बतन से दूसरे बेटे हज़रत इस्हाक़ (अलैहिस्सलाम) की विलादत और उनकी नबूवत की बशारत अता फ़रमाई। इससे साफ़ साबित हुआ कि ज़बीहुल्लाह हज़रत इस्माईल (अलैहिस्सलाम) ही थे, क्योंकि इस्हाक़ की पैदाइश की बशारत इस वाक़िए के बाद दी गई।

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