कुरान - 37:115 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

115
وَنَجَّيۡنَٰهُمَا وَقَوۡمَهُمَا مِنَ ٱلۡكَرۡبِ ٱلۡعَظِيمِ

Transliteration: (Wa najjainaahumaa wa qawmahumaa minal karbil 'azeem)

और हमने उन दोनों को और उनकी क़ौम को बहुत बड़े कर्ब (मुसीबत) से नजात दी; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 115 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 115

"और हमने उन दोनों को और उनकी क़ौम को बहुत बड़े कर्ब से नजात दी;"

फ़िरऔन बनी इस्राईल के बेटों को क़त्ल करवाता था और उन्हें ग़ुलाम बना कर सख़्त तकलीफ़ें देता था। अल्लाह ने उस अज़ीम मुसीबत और ग़ुलामी से उन्हें आज़ादी और नजात अता फ़रमाई।

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