कुरान - 37:124 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

124
إِذۡ قَالَ لِقَوۡمِهِۦٓ أَلَا تَتَّقُونَ

Transliteration: (Iz qaala liqawmiheee alaa tattaqoon)

जब उन्होंने अपनी क़ौम से फ़रमाया: "क्या तुम (अल्लाह से) डरते नहीं? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 124 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 124

"जब उन्होंने अपनी क़ौम से फ़रमाया: 'क्या तुम डरते नहीं?'"

हज़रत इलयास (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को बुतपरस्ती छोड़कर अल्लाह के अज़ाब से डरने और तक़्वा इख़्तियार करने की दावत दी।

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