कुरान - 37:125 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

125
أَتَدۡعُونَ بَعۡلٗا وَتَذَرُونَ أَحۡسَنَ ٱلۡخَٰلِقِينَ

Transliteration: (Atad'oona Ba'lanw wa tazaroona ahsanal khaaliqeen)

क्या तुम 'बअ़ल' (नामी बुत) को पूजते हो [128] और सबसे बेहतरीन ख़ालिक़ (अल्लाह) को छोड़ देते हो [128]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 125 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 125

"क्या तुम 'बअ़ल' को पूजते हो और बेहतरीन ख़ालिक़ को छोड़ते हो [128]?"

[128] बअ़ल बुत की पूजा का बुतलान

उस इलाक़े के काफ़िर सोने के बने हुए एक अज़ीम बुत की पूजा करते थे जिसका नाम "बअ़ल" था (इसी से शहर का नाम बा'लबक पड़ा)। हज़रत इलयास ने उन्हें झिंझोड़ा कि तुम सोने के बे-जान बुत को माबूद बनाते हो और कायनात के बेहतरीन ख़ालिक़ अल्लाह को भुला बैठे हो!

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