कुरान - 37:19 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

19
فَإِنَّمَا هِيَ زَجۡرَةٞ وَٰحِدَةٞ فَإِذَا هُمۡ يَنظُرُونَ

Transliteration: (Fa innamaa hiya zajra tunw waahidatun fa izaa hum yanzuroon)

पस वह तो बस एक ज़बरदस्त डांट (चीख़) होगी, फिर अचानक वे (हैरत से) देखने लगेंगे [22]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 19 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 19

"पस वह तो बस एक ज़बरदस्त चीख़ होगी, फिर अचानक वे देखने लगेंगे [22]!"

[22] सूर की आवाज़ और फ़ौरी बेदारी

इसराफ़ील (अलैहिस्सलाम) के दूसरे सूर फूँकते ही एक भयानक चीख़ बुलंद होगी और सदियों के मुर्दे पलक झपकते ही क़ब्रों से उठ खड़े होंगे और अपनी आंखों से हश्र का नक़्शा देखने लगेंगे।

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