Transliteration: (Qul na'am wa antum daakhiroon)
"आप फ़रमा दीजिए: 'हाँ! और तुम ज़लील-ओ-ख़्वार होकर उठोगे [21]!'"
इस आयते करीमा से मालूम होता है कि क़ियामत की ज़िल्लत और रुसवाई ख़ास तौर पर काफ़िरों और मुशरिक़ों के लिए है। गुनाहगार मोमिनों को अगर सज़ा भी होगी, तो अल्लाह उन्हें महशर में काफ़िरों की तरह ज़लील-ओ-रुस्वा नहीं फ़रमाएगा।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat