कुरान - 37:16 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

16
أَءِذَا مِتۡنَا وَكُنَّا تُرَابٗا وَعِظَٰمًا أَءِنَّا لَمَبۡعُوثُونَ

Transliteration: ('A-izaa mitnaa wa kunnaa turaabanw wa 'izaaman 'a innaa lamab'oosoon)

"क्या जब हम मर जाएंगे और मिट्टी और हड्डियां हो जाएंगे, तो क्या हम सचमुच दोबारा उठाए जाएंगे [19]?" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 16 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 16

"क्या जब हम मर जाएंगे और मिट्टी और हड्डियां हो जाएंगे, तो क्या हम सचमुच दोबारा उठाए जाएंगे [19]?"

[19] इंकार पर मबनी सवालिया कुफ़्र

काफ़िरों का यह सवाल किसी तहक़ीक़ के लिए नहीं बल्कि हश्र-ओ-नश्र का मज़ाक़ उड़ाने और सिरे से इंकार करने के लिए था। अल्लाह की दी हुई ख़बर का इस अंदाज़ में इंकार करना सरीह कुफ़्र है।

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