कुरान - 37:15 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

15
وَقَالُوٓاْ إِنۡ هَٰذَآ إِلَّا سِحۡرٞ مُّبِينٌ

Transliteration: (Wa qaalooo in haazaa illaa sihrum mubeen)

और कहते हैं: "यह तो बस खुला हुआ जादू है [18]!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 15 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 15

"और कहते हैं: 'यह तो बस खुला हुआ जादू है [18]!'"

[18] मोजिज़ाह और जादू का बुनियादी फ़र्क़

काफ़िर अपनी हार छिपाने के लिए मोजिज़ात को जादू कहते थे। हालांकि जादू सिर्फ़ नज़रबंदी और तख़य्युलाती धोखा होता है जिससे हक़ीक़त नहीं बदलती, जबकि मोजिज़ाह अल्लाह की कु़दरत से हक़ीक़ी तब्दीली लाता है (जैसे हज़रत मूसा का असा हक़ीक़ी अज़दहा बना और जादूगरों की रस्सियों को निगल गया)। जादू आसमानों और नबियों पर असर अंदाज़ नहीं हो सकता।

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