कुरान - 37:13 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

13
وَإِذَا ذُكِّرُواْ لَا يَذۡكُرُونَ

Transliteration: (Wa izaa zukkiroo laa yazkuroon)

और जब उन्हें नसीहत की जाती है, तो वे ध्यान नहीं देते [16]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 13 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 13

"और जब उन्हें नसीहत की जाती है, तो वे ध्यान नहीं देते [16];"

[16] मुकम्मल हिदायत के बावजूद ग़फ़लत

हुज़ूर अकरम ﷺ हिदायत और मारिफ़त का आला तरीन मर्तबा हैं। जो शख़्स हुज़ूर ﷺ के सीधे समझाने और नसीहत फ़रमाने के बाद भी ग़फ़लत में रहे, वह इंतिहाई बदबख़्त और हक़ीक़ी बसीरत से महरूम है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now