Transliteration: (Bal'ajibta wa yaskharoon)
"बल्कि आप ताज्जुब करते हैं और वे मज़ाक़ उड़ाते हैं [15];"
हुज़ूर अकरम ﷺ उनकी अंधी सरकशी और वाज़ेह दलाइल के बावजूद इंकार पर ताज्जुब फ़रमाते थे कि इतने सबूत देखकर भी ये लोग ईमान क्यों नहीं लाते? आपका यह ताज्जुब उम्मत के ग़म और हक़ की हमदर्दी पर मबनी था जो ऐन इबादत है, जबकि काफ़िरों की हंसी और मज़ाक़ उनका सरीह कुफ़्र था।
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