कुरान - 37:12 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

12
بَلۡ عَجِبۡتَ وَيَسۡخَرُونَ

Transliteration: (Bal'ajibta wa yaskharoon)

बल्कि आप (उनकी सरकशी पर) ताज्जुब करते हैं और वे मज़ाक़ उड़ाते हैं [15]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 12 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 12

"बल्कि आप ताज्जुब करते हैं और वे मज़ाक़ उड़ाते हैं [15];"

[15] नबी का ताज्जुब इबादत है और काफ़िरों की हंसी कुफ़्र

हुज़ूर अकरम ﷺ उनकी अंधी सरकशी और वाज़ेह दलाइल के बावजूद इंकार पर ताज्जुब फ़रमाते थे कि इतने सबूत देखकर भी ये लोग ईमान क्यों नहीं लाते? आपका यह ताज्जुब उम्मत के ग़म और हक़ की हमदर्दी पर मबनी था जो ऐन इबादत है, जबकि काफ़िरों की हंसी और मज़ाक़ उनका सरीह कुफ़्र था।

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