कुरान - 37:10 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

10
إِلَّا مَنۡ خَطِفَ ٱلۡخَطۡفَةَ فَأَتۡبَعَهُۥ شِهَابٞ ثَاقِبٞ

Transliteration: (Illaa man khatifal khatfata fa atba'ahoo shihaabun saaqib)

मगर जो कोई (उचक कर) कोई बात चुरा ले, तो एक दहकता हुआ अंगारा (शहाब) उसका पीछा करता है [11]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 10 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 10

"मगर जो कोई कोई बात चुरा ले, तो एक दहकता हुआ अंगारा उसका पीछा करता है [11]!"

[11] शहाब-ए-साक़िब की फ़ौरी गिरफ़्त

अगर कोई धूर्त शैतान अचानक कोई अधूरी बात उचक भी ले, तो फ़ौरन आसमान से आग का एक शोला (शहाब-ए-साक़िब) उसका पीछा करता है और ज़मीन पर पहुंचने से पहले ही उसे जलाकर राख कर देता है ताकि हक़ में बातिल की मिलावट न हो सके।

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