कुरान - 37:8 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
لَّا يَسَّمَّعُونَ إِلَى ٱلۡمَلَإِ ٱلۡأَعۡلَىٰ وَيُقۡذَفُونَ مِن كُلِّ جَانِبٖ

Transliteration: (Laa yassamma 'oona ilal mala 'il a'alaa wa yuqzafoona min kulli jaanib)

वे (शैतान) आलम-ए-बाला (ऊंचे फ़रिश्तों की मजलिस) की बातें कान लगाकर नहीं सुन सकते [8], और उन पर हर तरफ़ से (अंगारे) फेंके जाते हैं [9]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 8

"वे आलम-ए-बाला की बातें नहीं सुन सकते [8], और उन पर हर तरफ़ से फेंके जाते हैं [9];"

[8] मलाए आला की बातों की चोरी से रोक

शयातीन को आसमान के फ़रिश्तों की मजलिस से दूर रखा जाता है ताकि वे वही-ए-इलाही और तक़दीर के अहकामात की चोरी न कर सकें।

[9] हर तरफ़ से दहकते अंगारों की मार

अगर वे ज़रा भी ऊपर चढ़ने की कोशिश करते हैं, तो फ़रिश्ते उन पर हर सम्त से दहकते हुए अंगारे (शहाब) फेंकते हैं जिससे वे झुलस कर भाग खड़े होते हैं।

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