कुरान - 37:7 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

7
وَحِفۡظٗا مِّن كُلِّ شَيۡطَٰنٖ مَّارِدٖ

Transliteration: (Wa hifzam min kulli Shaitaanim maarid)

और हर सरकश शैतान से उसकी मुकम्मल हिफ़ाज़त फ़रमाई है [7]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 7 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 7

"और हर सरकश शैतान से उसकी मुकम्मल हिफ़ाज़त फ़रमाई है [7];"

[7] शयातीन से आसमानों की हिफ़ाज़त और नुजूम की हक़ीक़त

जब कोई शैतान या जिन्न आसमान की तरफ़ चढ़ने की कोशिश करता है, तो सितारों से आग का दहकता हुआ शोला उस पर बंदूक़ की गोली की तरह टूट पड़ता है।

इससे यह भी मालूम हुआ कि सितारों से क़िस्मत का हाल मालूम करना (इल्मे नुजूम/ज्योतिष) नाजायज़ और बातिल है। सितारों को रोशनी, रहनुमाई, औक़ात की पहचान और आसमान की हिफ़ाज़त के लिए बनाया गया है, ग़ैब जानने के लिए नहीं।

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