कुरान - 37:6 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

6
إِنَّا زَيَّنَّا ٱلسَّمَآءَ ٱلدُّنۡيَا بِزِينَةٍ ٱلۡكَوَاكِبِ

Transliteration: (Innaa zaiyannas samaaa 'ad dunyaa bizeenatinil kawaakib)

बेशक हमने सबसे क़रीबी आसमान को सितारों की ज़ीनत (ख़ूबसूरती) से सजाया है [6]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 6 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 6

"बेशक हमने सबसे क़रीबी आसमान को सितारों की ज़ीनत से सजाया है [6];"

[6] सितारों की ज़ीनत और आसमान की ख़ूबसूरती

ज़मीन से देखने वालों को दुनिया का आसमान ऐसा नज़र आता है जैसे नीली चादर पर रंग-बिरंगे जगमगाते मोती बिखेर दिए गए हों। तमाम आसमान शीशे की तरह साफ़ और शफ़्फ़ाफ़ हैं, और सितारे आसमान की बे-मिसाल ज़ीनत हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now