कुरान - 37:25 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

25
مَا لَكُمۡ لَا تَنَاصَرُونَ

Transliteration: (Maa lakum laa tanaasaroon)

(कहा जाएगा:) "तुम्हें क्या हुआ है कि तुम एक-दूसरे की मदद नहीं करते [27]?" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 25 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 25

"तुम्हें क्या हुआ है कि तुम एक-दूसरे की मदद नहीं करते [27]?"

[27] काफ़िरों के झूठे दावों की पोल खुलना

दुनिया में काफ़िर एक-दूसरे से कहते थे कि हम सब मिलकर मुक़ाबला करेंगे। आज अल्लाह तआला उनके उसी घमंड को दोहरा कर उन्हें शर्मिंदा कर रहा है कि अब कहाँ गई तुम्हारी मदद?

यह हुक्म औलिया और अंबिया के लिए नहीं है, क्योंकि अंबिया और औलिया-ए-किराम की शफ़ाअत ब-इज़ने इलाही अहले ईमान के लिए बरहक़ है। काफ़िरों का कोई मददगार न होगा।

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