कुरान - 37:24 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

24
وَقِفُوهُمۡۖ إِنَّهُم مَّسۡـُٔولُونَ

Transliteration: (Wa qifoohum innahum mas'ooloon)

और उन्हें रोको! बेशक उनसे सवाल किया जाना है [26]!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 24 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 24

"और उन्हें रोको! बेशक उनसे सवाल किया जाना है [26]!"

[26] सवाल-ओ-जवाब के लिए ठहराव और अहले बैत की मोहब्बत

दैलमी ने हज़रत अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत की है कि इस मक़ाम पर बंदों से हज़रत अली और अहले बैत की मोहब्बत के बारे में सवाल होगा, क्योंकि हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया: "मैं तुमसे अपनी क़राबतदारी की मोहब्बत के सिवा कोई उजरत नहीं मांगता" (सवाइक़-ए-मुहर्रिक़ा)।

इसके अलावा मुशरिक़ीन से उनके शिर्क, आमाल और बातिल अक़ायद के बारे में भी सख़्त बाज़पुर्स होगी।

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